भारतीय संविधान

*संविधान एक सत्त एवं क्रियाशील प्रक्रिया है ।जो हमें यह बताती है की हम किस प्रकार किसके द्वारा कैसे शासित होते है ।
*भारतीय सविधान की प्रस्तावना संविधान का एक अहम भाग है ।यह संविधान की आत्मा है ।
*संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे और प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ.बी.आर अम्बेडकर थे ।
*संविधान में कुल 460 अनुच्छेद हैं और 25 भाग है ।
*संविधान बनने में 2 वर्ष 11महीने और 18 दिन लगे ।
*भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा और लिखित संविधान है ।
*भारतीय संविधान का संशोधन संभव है परन्तु परिवर्तन नही ।
*संविधान में अब तक कुल 104 बार संशोधन हो चुक है ।
*  मोर के अद्भुत सौन्दर्य के कारण ही भारत ने इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया
* अशोक चिह्न में केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं।,चौथा दिखाई नहीं देता । जो की पट्टी के मध्य उभरी हुई है ।
* 22 जनवरी, 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद संविधान सभा ने संविधान निर्माण हेतु अनेक समितियां नियुक्त कीं ।इसमें प्रमुख थीं
–वार्ता समिति ,संघ संविधान समिति,प्रांतीय संविधान समिति,संघ शक्ति समिति ,प्रारूप समिति ।
*प्रस्तावना के आनुसार संविधान के आधीन समस्त शक्तियों का केद्रबिन्दु अथवा स्त्रोत ‘भारत के लोग’ ही हैं  ।
*   भारतीय संविधान के अनेक देशी और विदेशी स्त्रोत हैं,लेकिन भारतीय संविधान पर अधिक प्रभाव ‘भारतीय शासन अधिनियम-1935 का हैं ।
*  भारतीय संविधान की प्रथम अनुसूची में भारतीय घटक राज्यों की संख्या 28 और संघ शासित सात क्षेत्रों का उल्लेख है ।
*रियासतों को भारत में सम्मिलित करने के लिए सरदार बल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में रियासती मंत्रालय बनाया गया ।
. *डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा को सर्वसम्मति से संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया ।
*संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ ‘धर्मनिरपेक्ष’ तथा ‘अखंडता’ शब्द 42 वें संविधान संशोधन द्वारा 1976 जोड़े गए थे ।

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